24.02.2021

"शिव भगवानुवाच - मीठे बच्चे, तुम मुझे याद करो और प्यार करो क्योंकि मैं ही तुम्हें सदा सुखी बनाने आया हूँ''

प्रश्नः-

जिन बच्चों से गफलत होती रहती है उनके मुख से कौन से बोल स्वत: निकल जाते हैं?

उत्तर:-

तकदीर में जो होगा वह मिल जायेगा। स्वर्ग में तो जायेंगे ही। बाबा कहते यह बोल पुरुषार्थी बच्चों के नहीं। ऊंच मर्तबा पाने का ही पुरुषार्थ करना है। जब बाप आये हैं ऊंच मर्तबा देने तो ग़फलत मत करो।

वरदान:-

सोचने और करने के अन्तर को मिटाने वाले स्व-परिवर्तक सो विश्व परिवर्तक भव

कोई भी संस्कार, स्वभाव, बोल व सम्पर्क जो यथार्थ नहीं व्यर्थ है, उस व्यर्थ को परिवर्तन करने की मशीनरी फास्ट करो। सोचा और किया.. तब विश्व परिवर्तन की मशीनरी तेज होगी। अभी स्थापना के निमित्त बनी हुई आत्माओं के सोचने और करने में अन्तर दिखाई देता है, इस अन्तर को मिटाओ। तब स्व परिवर्तक सो विश्व परिवर्तक बन सकेंगे।

स्लोगन:-

सबसे लक्की वह है जिसने अपने जीवन में अनुभूति की गिफ्ट प्राप्त की है।