26-11-2019-Hin

“मीठे बच्चे - ड्रामा की श्रेष्ठ नॉलेज तुम बच्चों के पास ही है, तुम जानते हो यह ड्रामा हूबहू रिपीट होता है''

Q- प्रवृत्ति वाले बाबा से कौन-सा प्रश्न पूछते हैं, बाबा उन्हें क्या राय देते हैं?

A- कई बच्चे पूछते हैं - बाबा हम धन्धा करें? बाबा कहते - बच्चे, धन्धा भल करो लेकिन रॉयल धन्धा करो। ब्राह्मण बच्चे छी-छी धन्धा शराब, सिगरेट, बीड़ी आदि का नहीं कर सकते क्योंकि इनसे और ही विकारों की खींच होती है।

D- 1) अविनाशी ज्ञान रत्नों का धन्धा कर 21 जन्मों के लिए पद्मापद्म भाग्यशाली बनना है। अपनी जांच करनी है-हमारे में कोई आसुरी गुण तो नहीं है? हम ऐसा कोई धन्धा तो नहीं करते जिससे विकारों की उत्पत्ति हो?-----2) याद की यात्रा में रह सारी सृष्टि को सद्गति में पहुँचाना है। एक सतगुरू बाप की श्रीमत पर चल आप समान बनाने की सेवा करनी है। ध्यान रहे-माया कभी कला रहित न बना दे।

V- शुभ भावना, शुभ कामना के सहयोग से आत्माओं को परिवर्तन करने वाले सफलता सम्पन्न भव-----जब किसी भी कार्य में सर्व ब्राह्मण बच्चे संगठित रूप में अपने मन की शुभ भावनाओं और शुभ कामनाओं का सहयोग देते हैं - तो इस सहयोग से वायुमण्डल का किला बन जाता है जो आत्माओं को परिवर्तन कर लेता है। जैसे पांच अंगुलियों के सहयोग से कितना भी बड़ा कार्य सहज हो जाता है, ऐसे हर एक ब्राह्मण बच्चे का सहयोग सेवाओं में सफलता सम्पन्न बना देता है। सहयोग की रिजल्ट सफलता है।

S- कदम-कदम में पदमों की कमाई जमा करने वाला ही सबसे बड़ा धनवान है।