01-02-2026     प्रात:मुरली  ओम् शान्ति 15.12.2008 "बापदादा"    मधुबन


एक राज्य, एक धर्म, लॉ एण्ड आर्डर की स्थापना के समय स्वयं का परिवर्तन कर विश्व परिवर्तक बनो


वरदान:-
परिवर्तन शक्ति द्वारा सर्व की शुक्रिया के पात्र बनने वाले विघ्न जीत भव

यदि आपका कोई अपकार करे तो आप एक सेकण्ड में अपकार को उपकार में परिवर्तित कर दो, कोई अपने संस्कार-स्वभाव के रूप में परीक्षा बनकर सामने आये तो आप एक की स्मृति से ऐसी आत्मा के प्रति भी रहमदिल के श्रेष्ठ संस्कार-स्वभाव धारण कर लो, कोई देहधारी दृष्टि से सामने आये तो उनकी दृष्टि को आत्मिक दृष्टि में परिवर्तित कर लो, ऐसे परिवर्तन करने की युक्ति आ जाए तो विघ्न जीत बन जायेंगे। फिर सम्पर्क में आने वाली सर्व आत्मायें आपका शुक्रिया मानेंगी।

स्लोगन:-
अनुभवों का स्वरूप बन जाओ तो चेहरे से खुशनसीबी की झलक दिखाई देगी।

ये अव्यक्त इशारे - एकता और विश्वास की विशेषता द्वारा सफलता सम्पन्न बनो

अनेक देश, अनेक भाषायें, अनेक रूप-रंग होते भी सबके दिल में एकता दिखाई दे क्योंकि एक बाप के बच्चे हो। सब एक ही वृक्ष की डालियां, एक की श्रीमत पर चलने वाले हो। भिन्नता में एकता दिखाना, बिगड़ी को बनाना, अनेकता में एकता लाना, ये सबसे बड़ी सेवा है। यही कमाल है और यही सफलता का आधार है।