05-04-2026     प्रात:मुरली  ओम् शान्ति 15.11.2009 "बापदादा"    मधुबन


स्वराज्य की रिजल्ट चेक करके स्वयं को चेंज करो और अखण्ड राज्य के अधिकारी बनो


वरदान:-
संगठन में सहयोग की शक्ति द्वारा विजयी बनने वाले सर्व के शुभचिंतक भव

यदि संगठन में हर एक, एक दो के मददगार, शुभचिंतक बनकर रहें तो सहयोग की शक्ति का घेराव बहुत कमाल कर सकता है। आपस में एक दो के शुभचिंतक सहयोगी बनकर रहो तो माया की हिम्मत नहीं जो इस घेराव के अन्दर आ सके। लेकिन संगठन में सहयोग की शक्ति तब आयेगी जब यह दृढ़ संकल्प करेंगे कि चाहे कितनी भी बातें सहन करना पड़े लेकिन सामना करके दिखायेंगे, विजयी बनकर दिखायेंगे।

स्लोगन:-
कोई भी इच्छा, अच्छा बनने नहीं देगी, इसलिए इच्छा मात्रम् अविद्या बनो।

ये अव्यक्त इशारे - महान बनने के लिए मधुरता और नम्रता का गुण धारण करो

जैसे मीठा खाने और खिलाने से थोड़े समय के लिए मुख मीठा होता है, खुश होते हैं। ऐसे स्वयं ही मीठा बन जाओ तो सदा ही मुख में मधुर बोल रहेंगे। ऐसे मधुर बोल स्वयं को भी खुश करेंगे, दूसरे को भी खुश करेंगे। इसी विधि से सदा सर्व का मुख मीठा करते रहो, सदा मीठी दृष्टि, मीठा बोल, मीठे कर्म हो।