07-02-2026        प्रात:मुरली    ओम् शान्ति     "बापदादा"        मधुबन


“मीठे बच्चे - बुद्धि में स्थाई एक बाप की ही याद रहे तो यह भी अहो सौभाग्य है''

प्रश्नः-
जिन बच्चों को सर्विस का शौक होगा उनकी निशानी क्या होगी?

उत्तर:-
वह मुख से ज्ञान सुनाने बिगर रह नहीं सकते। वह रूहानी सेवा में अपनी हड्डी-हड्डी स्वाहा कर देंगे। उन्हें रूहानी नॉलेज सुनाने में बहुत खुशी होगी। खुशी में ही नाचते रहेंगे। वह अपने से बड़ों का बहुत रिगार्ड रखेंगे, उनसे सीखते रहेंगे।

गीत:-
बदल जाए दुनिया........

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) सदा रूहानी सर्विस में तत्पर रहना है। ज्ञान धन दान करके खुशी में नाचना है। खुद धारण कर औरों को धारणा करानी है।

2) बाप जो ज्ञान का खजाना देते हैं, उससे अपनी झोली भरनी है। नोट्स लेने हैं। फिर टॉपिक पर समझाना है। ज्ञान धन का दान करने के लिए उछलते रहना है।

वरदान:-
सत्यता की महानता द्वारा सदा खुशी के झूले में झूलने वाले अथॉरिटी स्वरूप भव

सत्यता की अथॉरिटी स्वरूप बच्चों का गायन है - सच तो बिठो नच। सत्य की नांव हिलेगी लेकिन डूब नहीं सकती। आपको भी कोई कितना भी हिलाने की कोशिश करे लेकिन आप सत्यता की महानता से और ही खुशी के झूले में झूलते हो। वह आपको नहीं हिलाते लेकिन झूले को हिलाते हैं। यह हिलाना नहीं लेकिन झुलाना है इसलिए आप उन्हें धन्यवाद दो कि आप झुलाओ और हम बाप के साथ झूलें।

स्लोगन:-
सर्व शक्तियों की लाइट सदा साथ रहे तो माया समीप नहीं आ सकती।

ये अव्यक्त इशारे - एकता और विश्वास की विशेषता द्वारा सफलता सम्पन्न बनो

एकता, स्वच्छता, महीनता, मधुरता और मन, वाणी, कर्म में महानता - यह 5 बातें एक एक के हर कदम से नज़र आयें तो बाप की प्रत्यक्षता सहज हो जायेगी। अभी तक संस्कारों में जो भिन्नता दिखाई देती है, उसे एकता में लाना है। एकता के लिए एक दो की राय को रिगार्ड दो, हाँ जी, हाँ जी करके अपना विचार अवश्य दो, फिर एकता के बन्धन में बंध जाओ, यही एकता सफलता का साधन है।