08-11-2026     प्रात:मुरली  ओम् शान्ति 18.10.2071 "बापदादा"    मधुबन


विशेष दीपावली निमित्त अव्यक्त बापदादा के मधुर महावाक्य


वरदान:-
दिव्य गुणों के आह्वान द्वारा अवगुणों को समाप्त करने वाले दिव्यगुणधारी भव

जैसे दीपावली पर श्रीलक्ष्मी का आह्वान करते हैं ऐसे आप बच्चे स्वयं में दिव्यगुणों का आह्वान करो तो अवगुण आहुति रूप में खत्म होते जायेंगे। फिर नये संस्कारों रूपी नये वस्त्र धारण करेंगे। अब पुराने वस्त्रों से जरा भी प्रीत न हो, जो भी कमजोरियां, कमियां, निर्बलता, कोमलता रही हुई है - वो सब पुराने खाते आज से सदा-काल के लिए समाप्त करो तब दिव्यगुणधारी बनेंगे और भविष्य में ताजपोशी होगी। उसी का ही यादगार यह दीपावली है।

स्लोगन:-
स्वराज्य अधिकारी बनना है तो मन रूपी मत्री को अपना सहयोगी बना लो।

ये अव्यक्त इशारे - ब्रह्मा बाप समान सम्पन्न और सम्पूर्ण स्थिति का अनुभव करो

“बिन्दु और सिन्धु'' यह दो शब्द भी अगर याद रखो तो सम्पूर्णता सहज आ सकती है। एक बिन्दू की याद और एकरस अवस्था, एक की ही मत और एक के ही कर्तव्य में मददगार। सिर्फ बिन्दु और एक, उसके आगे विस्तार में जाने की दरकार नहीं। विस्तार में जाना है तो सिर्फ सर्विस प्रति। उसके आगे अपनी बुद्धि को चलाने की आवश्यकता नहीं है।