15-02-2026     प्रात:मुरली  ओम् शान्ति 22.02.2009 "बापदादा"    मधुबन


बर्थ डे पर फास्ट सो फर्स्ट डिवीजन में आने की गिफ्ट लेने के लिए हर श्वांस, संकल्प समर्थ हो, दिल बड़ी और सच्ची हो तो हर जरूरत पूरी होगी


वरदान:-
मेहमानपन की वृत्ति द्वारा प्रवृत्ति को श्रेष्ठ, स्टेज को ऊंचा बनाने वाले सदा उपराम भव

जो स्वयं को मेहमान समझकर चलते हैं वे अपने देह रूपी मकान से भी निर्मोही हो जाते हैं। मेहमान का अपना कुछ नहीं होता, कार्य में सब वस्तुएं लगायेंगे लेकिन अपनेपन का भाव नहीं होगा। वे सब साधनों को अपनाते हुए भी जितना न्यारे उतना बाप के प्यारे रहते हैं। देह, देह के संबंध और वैभवों से सहज उपराम हो जाते हैं। जितना मेहमानपन की वृत्ति रहती उतनी प्रवृत्ति श्रेष्ठ और स्टेज ऊंची रहती है।

स्लोगन:-
अपने स्वभाव को निर्मल बना दो तो हर कदम में सफलता समाई हुई है।

ये अव्यक्त इशारे - एकता और विश्वास की विशेषता द्वारा सफलता सम्पन्न बनो

दुनिया के आगे अब यही वास्तविकता दिखानी है कि हम सब एक हैं, एक के हैं, एकरस स्थिति वाले हैं। एक की लगन में मगन रह एक का नाम प्रत्यक्ष करने वाले हैं, अब यह न्यारा और प्यारा गोल्डन स्थिति का झण्डा लहराओ। छोटे हो या बड़े हो, बीमार हो या स्वस्थ हो, महारथी हो व घोड़ेसवार, सभी एकमत होकर सहयोगी बनो तो सहज सफलतामूर्त बन जायेंगे।