16-08-2025        प्रात:मुरली    ओम् शान्ति     "बापदादा"        मधुबन


“मीठे बच्चे - तुम्हारी एम ऑब्जेक्ट है वण्डरफुल रंग-बिरंगी दुनिया (स्वर्ग) का मालिक बनना, तो सदा इसी खुशी में हर्षित रहो, मुरझाया हुआ नहीं''

प्रश्नः-
तकदीरवान बच्चों को कौन-सा उमंग सदा बना रहेगा?

उत्तर:-
हमें बेहद का बाप नई दुनिया का प्रिंस-प्रिंसेज बनाने के लिए पढ़ा रहे हैं। तुम इसी उमंग से सबको समझा सकते हो कि इस लड़ाई में स्वर्ग समाया हुआ है। इस लड़ाई के बाद स्वर्ग के द्वार खुलने हैं - इसी खुशी में रहना है और खुशी-खुशी से दूसरों को भी समझाना है।

गीत:-
दुनिया रंग रंगीली बाबा........

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) ज्ञान रत्नों के सागर से जो अविनाशी ज्ञान रत्न प्राप्त हो रहे हैं, उनकी वैल्यु रखनी है। विचार सागर मंथन कर स्वयं में ज्ञान रत्न धारण करने हैं। मुख से सदैव रत्न निकालने हैं।

2) याद की यात्रा में रहकर वाणी को जौहरदार बनाना है। याद से ही आत्मा कंचन बनेंगी इसलिए याद करने का अक्ल सीखना है।

वरदान:-
मेरेपन के सूक्ष्म स्वरूप का भी त्याग करने वाले सदा निर्भय, बेफिकर बादशाह भव

आज की दुनिया में धन भी है और भय भी है। जितना धन उतना ही भय में ही खाते, भय में ही सोते हैं। जहाँ मेरापन है वहाँ भय जरूर होगा। कोई सोना हिरण भी अगर मेरा है तो भय है। लेकिन यदि मेरा एक शिवबाबा है तो निर्भय बन जायेंगे। तो सूक्ष्म रूप से भी मेरे-मेरे को चेक करके उसका त्याग करो तो निर्भय, बेफिकर बादशाह रहने का वरदान मिल जायेगा।

स्लोगन:-
दूसरों के विचारों को सम्मान दो - तो आपको सम्मान स्वत:प्राप्त होगा।

अव्यक्त इशारे - सहजयोगी बनना है तो परमात्म प्यार के अनुभवी बनो

एक तरफ बेहद का वैराग्य हो, दूसरी तरफ बाप के समान बाप के लव में लवलीन रहो, एक सेकेण्ड और एक संकल्प भी इस लवलीन अवस्था से नीचे नहीं आओ। ऐसे लवलीन बच्चों का संगठन ही बाप को प्रत्यक्ष करेगा। आप निमित्त आत्मायें पवित्र प्रेम और अपनी प्राप्तियों द्वारा सभी को श्रेष्ठ पालना दो, योग्य बनाओ अर्थात् योगी बनाओ।