18-08-2025 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन
“मीठे बच्चे - जैसे बाप
गाइड है, ऐसे गाइड बन सबको घर का रास्ता बताना है, अंधों की लाठी बनना है''
प्रश्नः-
इस बने-बनाये
अनादि ड्रामा का राज़ कौन सा है, जो तुम बच्चे ही जानते हो?
उत्तर:-
यह बना बनाया
अनादि ड्रामा है इसमें न तो कोई एक्टर एड हो सकता है, न कोई कम हो सकता है। मोक्ष
किसी को भी मिलता नहीं। कोई कहे कि हम इस आवागमन के चक्र में आयें ही नहीं। बाबा
कहते हाँ कुछ समय के लिए। लेकिन पार्ट से कोई बिल्कुल छूट नहीं सकते। यह ड्रामा का
राज़ तुम बच्चे ही जानते हो।
धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) सच्चा-सच्चा ब्राह्मण बन सबको ज्ञान अमृत पिलाना है। ज्ञान चिता पर
बिठाना है।
2) शरीर निर्वाह अर्थ धन्धा आदि सब कुछ करते पतित से पावन बनने के लिए बाप की
याद में रहना है और सबको बाप की याद दिलाना है।
वरदान:-
विशेषताओं के
दान द्वारा महान बनने वाले महादानी भव
ज्ञान दान तो सब करते हैं
लेकिन आप विशेष आत्माओं को अपनी विशेषताओं का दान करना है। जो भी आपके सामने आये उसे
आप से बाप के स्नेह का अनुभव हो, आपके चेहरे से बाप का चित्र और चलन से बाप के
चरित्र दिखाई दें। आपकी विशेषतायें देखकर वह विशेष आत्मा बनने की प्रेरणा प्राप्त
करे, ऐसे महादानी बनो तो आदि से अन्त तक, पूज्य पन में भी और पुजारी पन में भी महान
रहेंगे।
स्लोगन:-
सदा
आत्म अभिमानी रहने वाला ही सबसे बड़ा ज्ञानी है।
अव्यक्त इशारे -
सहजयोगी बनना है तो परमात्म प्यार के अनुभवी बनो
जो सदा बाप की याद
में लवलीन रह मैं-पन की त्याग-वृत्ति में रहते हैं, उन्हों से ही बाप दिखाई देता
है। आप बच्चे नॉलेज के आधार से बाप की याद में समा जाते हो तो यह समाना ही लवलीन
स्थिति है, जब लव में लीन हो जाते हो अर्थात् लगन में मग्न हो जाते हो तब बाप के
समान बन जाते हो।