18-10-2026 प्रात:मुरली ओम् शान्ति 02.02.2012 "बापदादा" मधुबन
अब स्मृति स्वरूप
अनुभव की अथॉरिटी बनो, ज्वालामुखी योग द्वारा सबको लाइट माइट की किरणों का सहयोग दो
वरदान:-
अपने स्वरूप
द्वारा भक्तों को लाइट के क्राउन का साक्षात्कार कराने वाले इष्ट देव भव
जबसे आप बाप के बच्चे
बने, पवित्रता की प्रतिज्ञा की तो रिटर्न में लाइट का ताज प्राप्त हो गया। इस लाइट
के ताज के आगे रत्न जड़ित ताज कुछ भी नहीं है। जितना-जितना संकल्प, बोल और कर्म में
प्योरिटी को धारण करते जायेंगे उतना यह लाइट का क्राउन स्पष्ट होता जायेगा और इष्ट
देव के रूप में भक्तों के आगे प्रत्यक्ष होते जायेंगे।
स्लोगन:-
सदा बापदादा की छत्रछाया के अन्दर रहो तो विघ्न-विनाशक बन जायेंगे।
ये अव्यक्त इशारे -
परोपकार की भावना से सम्पन्न बन अपकारी पर भी उपकार करो
जैसे बापदादा सदा
बच्चों के साथ हर कदम में सहयोगी हैं और अन्त तक रहेंगे। बाप को किसी के प्रति घृणा
नहीं होती। सदैव अपकारी के भी शुभ चिन्तक हैं, ऐसे फालो फादर। हर आत्मा के प्रति सदा
शुभ भाव और भावना रखो। इसने ऐसा क्यों किया, यह सोचने के बजाए इस आत्मा का कल्याण
कैसे हो - यह सोचो तब कहेंगे शुभचिंतक वा विश्व कल्याणकारी आत्मा।
विशेष सूचना - मास के
तीसरे रविवार का योग अभ्यास
आज मास का तीसरा
रविवार है, सभी भाई बहिनें संगठित रूप में एकत्रित होकर सायं 6.30 से 7.30 बजे तक
अपने शान्त स्वरूप स्थिति में स्थित हो, शान्ति के सागर की गहराई में जाकर उस परम
सुख वा शीतलता की गहन अनुभूति करें तथा सर्व आत्माओं को शान्ति का दान देने की सेवा
करें।