24-05-2026     प्रात:मुरली  ओम् शान्ति 28.02.2010 "बापदादा"    मधुबन


देहभान के ‘मैं-मैं' की होली जलाकर परमात्म संग के रंग की होली मनाओ
 


वरदान:-
सदा फरमान के तिलक को धारण कर फर्स्ट प्राइज लेने वाले फरमानवरदार भव

जिन बच्चों के मस्तक पर फरमानबरदारी की स्मृति का तिलक लगा हुआ है, एक संकल्प भी फरमान के बिना नहीं करते उन्हें फर्स्ट प्राइज़ प्राप्त होती है। जैसे सीता को लकीर के अन्दर बैठने का फरमान था, ऐसे हर कदम उठाते हुए, हर संकल्प करते हुए बाप के फरमान की लकीर के अन्दर रहो तो सदा सेफ रहेंगे। कोई भी प्रकार के रावण के संस्कार वार नहीं करेंगे और समय भी व्यर्थ नहीं जायेगा।

स्लोगन:-
किसी से भी लगाव है तो वह लगाव पुरुषार्थ में अलबेला अवश्य बनायेगा।

ये अव्यक्त इशारे - सदा अचल, अडोल, एकरस स्थिति का अनुभव करो

सदा एक की याद में रहकर एकरस अवस्था बनाओ तो वन-वन और वन में आ जायेंगे। बाहर रहते हुए भी यही पाठ पक्का करो - “सी फादर, फालो फादर'', तो कभी किसी परिस्थिति में डगमग नहीं होंगे, ब्रह्मा बाप के सामने कितनी भी बातें आई लेकिन बातों को न देख एक बाप को ही देखा इसलिए नम्बरवन बना। तो फालो फादर।