26-03-2026 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन
“मीठे बच्चे - संगदोष से
बचकर पढ़ाई पर पूरा-पूरा ध्यान दो तो कोई भी तूफान आ नहीं सकते, बाकी माया को दोषी
मत बनाओ''
प्रश्नः-
कौन सी एक बात
सदा ध्यान पर रखो तो बेड़ा पार हो जायेगा?
उत्तर:-
“बाबा आपका जो
हुक्म'', ऐसे सदा बाप के हुक्म पर चलते रहो तो तुम्हारा बेड़ा पार हो जायेगा। हुक्म
पर चलने वाले माया के वार से बच जाते हैं, बुद्धि का ताला खुल जाता है। अपार खुशी
रहती है। कोई भी उल्टा कर्म नहीं होता है।
गीत:-
तुम्हें पाके
हमने....
धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) बाप टीचर सतगुरू द्वारा जो शिक्षायें मिलती हैं उन पर चलना है। माया
को दोष न देकर अपनी कमियों की जांच कर उन्हें निकालना है।
2) अहंकार का त्याग कर अपनी पढ़ाई में मस्त रहना है। कभी दूसरों से सेवा नहीं
लेनी है। संगदोष से बहुत-बहुत सम्भाल करनी है।
वरदान:-
संकल्प के
इशारों से सारी कारोबार चलाने वाले सदा लाइट के ताजधारी भव
जो बच्चे सदा लाइट रहते
हैं उनका संकल्प वा समय कभी व्यर्थ नहीं जाता। वही संकल्प उठता है जो होने वाला है।
जैसे बोलने से बात को स्पष्ट करते हैं वैसे ही संकल्प से सारी कारोबार चलती है। जब
ऐसी विधि अपनाओ तब यह साकार वतन सूक्ष्मवतन बनें। इसके लिए साइलेन्स की शक्ति जमा
करो और लाइट के ताजधारी रहो।
स्लोगन:-
इस
दु:खधाम से किनारा कर लो तो कभी दु:ख की लहर आ नहीं सकती।
ये अव्यक्त इशारे-
“निश्चय के फाउण्डेशन को मजबूत कर सदा निर्भय और निश्चिंत रहो"
जैसे कार में बैटरी
जब थोड़ा ढीली हो जाती है, कार अपने आप नहीं चलती है तो दूसरों से थोड़ा धक्का
लगवाते हैं, ऐसे जिस भी आत्मा में आपका फेथ हो और समझो इनसे हमको मदद मिल सकती है
तो उनसे थोड़ा-सा सहयोग लेकर आगे बढ़ जाना चाहिए। कमजोरी की बात को ज्यादा नहीं
सोचना तब खुशी में आगे बढ़ते जायेंगे।