26-12-2025 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन
“मीठे बच्चे - अपनी तकदीर
ऊंच बनानी है तो कोई से भी बात करते, देखते बुद्धि का योग एक बाप से लगाओ''
प्रश्नः-
नई दुनिया की
स्थापना के निमित्त बनने वाले बच्चों को बाप का कौन सा डायरेक्शन मिला हुआ है?
उत्तर:-
बच्चे,
तुम्हारा इस पुरानी दुनिया से कोई कनेक्शन नहीं है। अपनी दिल इस पुरानी दुनिया से
मत लगाओ। जांच करो हम श्रीमत के बरखिलाफ कर्म तो नहीं करते हैं? रूहानी सर्विस के
निमित्त बनते हैं?
गीत:-
भोलेनाथ से
निराला...
धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) अपनी उन्नति के लिए रूहानी सर्विस में तत्पर रहना है। जो भी ज्ञान
रत्न मिले हैं उन्हें धारण करके दूसरों को कराना है।
2) अपनी जांच करनी है - हमारे में कोई आसुरी गुण तो नहीं हैं? हम ट्रस्टी बनकर
रहते हैं? कभी लूनपानी तो नहीं बनते हैं? बुद्धि की लाइन क्लीयर है?
वरदान:-
पुरुषार्थ के
सूक्ष्म आलस्य का भी त्याग करने वाले आलराउन्डर अलर्ट भव
पुरुषार्थ की थकावट आलस्य
की निशानी है। आलस्य वाले जल्दी थकते हैं, उमंग वाले अथक होते हैं। जो पुरुषार्थ
में दिलशिकस्त होते हैं उन्हें ही आलस्य आता है, वह सोचते हैं क्या करें इतना ही हो
सकता है, ज्यादा नहीं हो सकता। हिम्मत नहीं है, चल तो रहे हैं, कर तो रहे हैं - अब
इस सूक्ष्म आलस्य का भी नाम निशान न रहे इसके लिए सदा अलर्ट, एवररेडी और आलराउन्डर
बनो।
स्लोगन:-
समय के
महत्व को सामने रख सर्व प्राप्तियों का खाता फुल जमा करो।
अव्यक्त इशारे -
अब सम्पन्न वा कर्मातीत बनने की धुन लगाओ
आवाज से परे अपनी
श्रेष्ठ स्थिति में स्थित हो जाओ तो सर्व व्यक्त आकर्षण से परे शक्तिशाली न्यारी और
प्यारी स्थिति बन जायेगी। एक सेकण्ड भी इस श्रेष्ठ स्थिति में स्थित होंगे तो इसका
प्रभाव सारा दिन कर्म करते हुए भी स्वयं में विशेष शान्ति की शक्ति अनुभव करेंगे,
इसी स्थिति को कर्मातीत स्थिति, बाप समान सम्पूर्ण स्थिति कहा जाता है।