29-12-2025 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन
“मीठे बच्चे - अब घर जाना
है इसलिए देह सहित देह के सब सम्बन्धों को भूल मामेकम् याद करो और पावन बनो''
प्रश्नः-
आत्मा के
संबंध में कौन सी एक महीन बात महीन बुद्धि वाले ही समझ सकते हैं?
उत्तर:-
आत्मा पर सुई
की तरह धीरे-धीरे जंक (कट) चढ़ती गई है। वह याद में रहने से उतरती जायेगी। जब जंक
उतरे अर्थात् आत्मा तमोप्रधान से सतोप्रधान बनें तब बाप की खींच हो और वह बाप के
साथ वापस जा सके। 2- जितना जंक उतरती जायेगी उतना दूसरों को समझाने में खीचेंगे। यह
बातें बड़ी महीन हैं, जो मोटी बुद्धि वाले समझ नहीं सकते।
धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) आत्मा रूपी सुई पर जंक चढ़ी है, उसे योगबल से उतार सतोप्रधान बनने की
मेहनत करनी है। कभी भी सुनी-सुनाई बातों पर चलकर पढ़ाई नहीं छोड़नी है।
2) बुद्धि को ज्ञान की प्वाइंट्स से भरपूर रख सर्विस करनी है। रग देखकर ज्ञान
देना है। बहुत शुरूड (तीक्ष्ण) बुद्धि बनना है।
वरदान:-
कलियुगी दुनिया
के दु:ख अशान्ति का नज़ारा देखते हुए सदा साक्षी व बेहद के वैरागी भव
इस कलियुगी दुनिया में कुछ
भी होता है लेकिन आपकी सदा चढ़ती कला है। दुनिया के लिए हाहाकार है और आपके लिए
जयजयकार है। आप किसी भी परिस्थिति से घबराते नहीं क्योंकि आप पहले से ही तैयार हो।
साक्षी होकर हर प्रकार का खेल देख रहे हो। कोई रोता है, चिल्लाता है, साक्षी होकर
देखने में मजा आता है। जो कलियुगी दुनिया के दु:ख अशान्ति का नज़ारा साक्षी होकर
देखते हैं वह सहज ही बेहद के वैरागी बन जाते हैं।
स्लोगन:-
कैसी
भी धरनी तैयार करनी है तो वाणी के साथ वृत्ति से सेवा करो।
अव्यक्त इशारे- अब
सम्पन्न वा कर्मातीत बनने की धुन लगाओ
जैसे कोई मशीनरी
को सेट किया जाता है तो एक बार सेट करने से फिर अटोमेटीकली चलती रहती है। इस रीति
से अपनी सम्पूर्ण स्टेज वा बाप के समान स्टेज वा कर्मातीत स्थिति की स्टेज के सेट
को ऐसा सेट कर दो जो फिर संकल्प, शब्द वा कर्म उसी सेटिंग के प्रमाण आटोमेटिक चलते
रहें।