01-07-2026 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन
“मीठे बच्चे - सारी दुनिया को शान्ति देना एक बाप का ही
काम है इसलिए कहते हैं हे शान्ति देवा, तो प्राइज़ भी बाप को मिलनी चाहिए''
प्रश्नः-
कौन से बच्चे बाप को पूरा-पूरा फालो कर सकते हैं?
उत्तर:-
जो बाप के समान पावन बनते हैं - वही पूरा-पूरा फालो कर सकते हैं। 2- जो पक्के आशिक
बनें वही मुझ माशुक को फालो कर सकें। ऐसे आशिकों को ही मैं साथ ले जाता हूँ इसलिए
शास्त्रों में दिखाते हैं - गऊ का पूँछ पकड़ने से पार हो जायेंगे। अब यहाँ गऊ की या
पूँछ की तो बात ही नहीं है।
गीत:-
तू प्यार का सागर है...
धारणा
के लिए मुख्य सार:-
1) बाप से स्वर्ग का वर्सा लेने
के लिए “मैं आत्मा भाई-भाई हूँ'' - यह पक्का करना है। बहुत प्यार से रहना है। जैसे
बाप प्यारे ते प्यारा है, ऐसे प्यारा बनना है।
2)
बाप समान पावन बनकर बाप को पूरा-पूरा फालो करना है। बाप के साथ वापिस घर शान्तिधाम
चलने के लिए पावन जरूर बनना है।
वरदान:-
निर्बल आत्माओं
में शक्तियों का फोर्स भरने वाले ज्ञान-दाता सो वरदाता भव
वर्तमान समय निर्बल
आत्माओं में इतनी शक्ति नहीं है जो जम्प दे सकें, उन्हें एक्स्ट्रा फोर्स चाहिए। तो
आप विशेष आत्माओं को स्वयं में विशेष शक्ति भरकरके उन्हें हाई जम्प दिलाना है। इसके
लिए ज्ञान दाता के साथ-साथ शक्तियों के वरदाता बनो। रचता का प्रभाव रचना पर पड़ता
है इसलिए वरदानी बनकर अपनी रचना को सर्व शक्तियों का वरदान दो। अभी इसी सर्विस की
आवश्यकता है।
स्लोगन:-
साक्षी होकर हर खेल देखो तो सेफ भी रहेंगे और मज़ा भी आयेगा।
ये अव्यक्त इशारे -
ज्वालास्वरूप स्थिति में रह शक्तिशाली याद का अनुभव करो
आप महान तपस्वी
आत्मायें ज्वाला रुप शक्तिशाली याद द्वारा प्राप्ति के किरणों की अनुभूति करो और
कराओ। आपका तपस्वी स्वरूप औरों को देने का स्वरूप है। जैसे सूर्य विश्व को रोशनी
देने की और अनेक विनाशी प्राप्तियों की अनूभूति कराता है ऐसे आप भी अपने तपस्वी
स्वरूप द्वारा शान्ति और शक्ति की किरणें देते रहो।