01-09-2026 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन
“मीठे बच्चे - चैरिटी बिगेन्स एट होम, अपने परिवार वालों
को ज्ञान सुनाओ, अपने हमजिन्स का कल्याण करो''
प्रश्नः-
किस श्रीमत का
पालन करने वाले बच्चे अपनी अवस्था को एकरस बना सकते हैं?
उत्तर:-
अवस्था को
एकरस बनाने के लिए बाप की श्रीमत है बच्चे रोज़ सवेरे-सवेरे उठ बड़े प्यार से बाप
को याद करो। अपने को आत्मा समझो और बाबा जो सुनाते हैं उसे सुनो। अगर याद नहीं
करेंगे तो फालतू ख्यालात चलेंगे, व्यर्थ संकल्प आयेंगे इसलिए बाबा राय देते हैं
बच्चे रोज़ सवेरे-सवेरे उठ अपने आपसे प्रतिज्ञा करो कि चलते-फिरते, खाते... भोजन
बनाते एक बाबा को ही याद करेंगे।
धारणा
के लिए मुख्य सार:-
1)
बाप ने मुक्ति-जीवनमुक्ति के लिए जो भी ज्ञान की बातें सुनाई है, वही सुननी और धारण
करनी है, बाकी सब भूल जाना है। अपना और अपने लौकिक परिवार का कल्याण करना है।
2) व्यर्थ ख्यालातों
को समाप्त करने के लिए सवेरे-सवेरे उठ विचार सागर मंथन करना है। याद की यात्रा में
लगे रहना है।
वरदान:-
ज्ञान-योग की
पावरफुल किरणों द्वारा पुराने संस्कार रूपी कीटाणुओं को भस्म करने वाले मास्टर
ज्ञान सूर्य भव
कैसे भी पतित वातावरण
को बदलने के लिए अथवा पुराने संस्कारों रूपी कीटाणुओं को भस्म करने के लिए यही
स्मृति रहे कि मैं मास्टर ज्ञान सूर्य हूँ। सूर्य का कर्तव्य है रोशनी देना और किचड़े
को खत्म करना। तो ज्ञान-योग की शक्ति वा श्रेष्ठ चलन द्वारा यही कर्तव्य करते रहो।
यदि पावर कम है तो ज्ञान सिर्फ रोशनी देगा परन्तु पुराने संस्कार रूपी कीटाणु खत्म
नहीं होंगे इसलिए पहले योग तपस्या द्वारा पावरफुल बनो।
स्लोगन:-
शुभ भावना,
शुभ कामना के श्रेष्ठ संकल्प ही जमा का खाता बढ़ाते हैं।
अव्यक्त इशारे - अब
अपने दाता स्वरूप को प्रत्यक्ष करो
वर्तमान समय आप बच्चे
अपना रहमदिल और दाता स्वरूप प्रत्यक्ष करो। आपके सब भण्डारे निरन्तर खुले रहने
चाहिए। अनादि, आदि दातापन के संस्कार अपने जीवन में सदा इमर्ज रख, परमात्म सन्देश
वाहक बन विश्व में बाप की प्रत्यक्षता का सन्देश फैलाओ। बेहद के दाता बन वर्ल्ड के
गोले पर खड़े हो, बेहद की सेवा में वायब्रेशन फैलाओ। महान दाता बनो।