09-03-2026        प्रात:मुरली    ओम् शान्ति     "बापदादा"        मधुबन


“मीठे बच्चे - जैसे बाप का पार्ट है सर्व का कल्याण करना, ऐसे बाप समान कल्याणकारी बनो, अपना और सर्व का कल्याण करो''

प्रश्नः-
बच्चों की किस एक विशेषता को देख बापदादा बहुत खुश होते हैं?

उत्तर:-
गरीब बच्चे बाबा के यज्ञ में 8 आना, एक रूपया भेज देते हैं। कहते हैं बाबा इसके बदले हमको महल देना। बाबा कहते बच्चे, यह एक रूपया भी शिवबाबा के खजाने में जमा हो गया। तुमको 21 जन्मों के लिए महल मिल जायेंगे। सुदामा का मिसाल है ना। बिगर कौड़ी खर्चा तुम बच्चों को विश्व की बादशाही मिल जाती है। बाबा गरीब बच्चों की इस विशेषता पर बहुत खुश होते हैं।

गीत:-
तुम्हें पाके हमने........

धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) सदा अपार खुशी में रहने के लिए बेहद की नॉलेज बुद्धि में रखना है। ज्ञान रत्नों से अपनी झोली भरकर अपना और सर्व का कल्याण करना है। नॉलेज में बहुत-बहुत होशियार बनना है।

2) भविष्य 21 जन्मों के राज्य भाग्य का अधिकार लेने के लिए अपना बैग बैगेज सब ट्रांसफर कर देना है। इस छी-छी दुनिया से छुटकारा पाने की युक्ति रचनी है।

वरदान:-
एक बाप के लव में लवलीन रह सदा चढ़ती कला का अनुभव करने वाले सफलतामूर्त भव

सेवा में वा स्वयं की चढ़ती कला में सफलता का मुख्य आधार है - एक बाप से अटूट प्यार। बाप के सिवाए और कुछ दिखाई न दे। संकल्प में भी बाबा, बोल में भी बाबा, कर्म में भी बाप का साथ। ऐसी लवलीन आत्मा एक शब्द भी बोलती है तो उसके स्नेह के बोल दूसरी आत्मा को भी स्नेह में बांध देते हैं। ऐसी लवलीन आत्मा का एक बाबा शब्द ही जादू का काम करता है। वह रूहानी जादूगर बन जाती है।

स्लोगन:-
योगी तू आत्मा वह है जो अन्तर्मुखी बन लाइट माइट रूप में स्थित रहता है।

ये अव्यक्त इशारे - “निश्चय के फाउण्डेशन को मजबूत कर सदा निर्भय और निश्चिंत रहो"

आपको जो भी ड्यूटी मिली हुई है, उसमें सदा एक्यूरेट रहो, जो ड्यूटी पर एक्यूरेट रहता है उसको सभी ईमानदार वा फेथफुल की नज़र से देखते हैं। यहाँ भी जो एक्यूरेट सेवा पर रहते हैं वही बाप के फेथफुल हैं। एक होता है बाप में पूरा फेथ, दूसरा है बाप के साथ सेवा में भी फेथफुल। ऐसे फेथफुल निश्चयबुद्धि बच्चे सदा विजयी और निश्चिंत रहते हैं।