12-03-2026 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा" मधुबन
“मीठे बच्चे - यह पढ़ाई
सोर्स ऑफ इनकम है, इससे तुम मनुष्य से देवता बनते हो, 21 जन्मों के लिए सच्ची कमाई
हो जाती है''
प्रश्नः-
बाप जो
मीठी-मीठी बातें सुनाते हैं वह धारण कब होंगी?
उत्तर:-
जब बुद्धि पर
परमत वा मनमत का प्रभाव नहीं होगा। जो बच्चे सुनी सुनाई बातों पर चलते हैं, उनकी
बुद्धि में धारणा हो नहीं सकती। सिवाए ज्ञान के और कुछ भी कोई सुनाता है तो वह जैसे
दुश्मन है। झूठी बातें सुनाने वाले बहुत हैं इसलिए हियर नो ईविल, सी नो ईविल,
मनुष्य से देवता बनने के लिए एक बाप की श्रीमत पर ही चलना है।
गीत:-
हमारे तीर्थ
न्यारे हैं ...
धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) यहाँ बाप समान सुख का सागर, प्रेम का सागर बनना है। सर्वगुण धारण करने
हैं। किसी को भी दु:ख नहीं देना है।
2) सुनी-सुनाई बातों पर कभी विश्वास नहीं करना है, परमत पर नहीं चलना है। हियर
नो ईविल, सी नो ईविल....
वरदान:-
मैं पन के बोझ
को समाप्त कर प्रत्यक्षफल का अनुभव करने वाले बालक सो मालिक भव
जब किसी भी प्रकार का मैं
पन आता है तो बोझ सिर पर आ जाता है। लेकिन जब बाप आफर कर रहे हैं कि सब बोझ मुझे दे
दो आप सिर्फ नाचों, उड़ो...फिर यह क्वेश्चन क्यों - कि सर्विस कैसे होगी, भाषण कैसे
करेंगे - आप सिर्फ निमित्त समझकर कनेक्शन पावर हाउस से जोड़कर बैठ जाओ, दिलशिकस्त
नहीं बनो तो बापदादा सब कुछ स्वत: करा देंगे। बालक सो मालिक समझकर श्रेष्ठ स्टेज पर
स्थित रहो तो प्रत्यक्ष फल की अनुभूति करते रहेंगे।
स्लोगन:-
ज्ञान
दान के साथ-साथ गुणदान करो तो सफलता मिलती रहेगी।
ये अव्यक्त इशारे-
“निश्चय के फाउण्डेशन को मजबूत कर सदा निर्भय और निश्चिंत रहो"
कैसी भी कड़ी
परिस्थिति हो लेकिन खेल समझने से कड़ी समस्या भी हल्की बन जाती है। कई बच्चों में
हिम्मत है इसलिए कोई भी बात होती है तो कहते हैं - हां करेंगे, सोचेंगे। हिम्मत तो
है, लेकिन फेथ नहीं है। फेथफुल के बोल ऐसे नहीं होते। फेथफुल का अर्थ ही है - मन,
वचन, कर्म हर बात में निश्चयबुद्धि, उनके मुख से कभी हिम्मतहीन बनाने वाले शब्द नहीं
निकल सकते।