17-05-2026     प्रात:मुरली  ओम् शान्ति 11.02.2010 "बापदादा"    मधुबन


शिव के जन्म दिन पर क्रोध रूपी अक का फूल बापदादा को अर्पण कर दर्पण बनो, पवित्र प्रवृत्ति के प्रत्यक्ष प्रमाण द्वारा प्रत्यक्षता को समीप लाओ
 


वरदान:-
सबको रिगार्ड देते हुए अपना रिकार्ड ठीक रखने वाले सर्व के स्नेही भव

जितना जो सभी को रिगार्ड देता है उतना ही अपने रिकार्ड को ठीक रख सकता है। दूसरों का रिगार्ड रखना अपना रिकार्ड बनाना है। जैसे यज्ञ के मददगार बनना ही मदद लेना है, वैसे रिगार्ड देना ही रिगार्ड लेना है। एक बार देना और अनेक बार लेने के हकदार बन जाना। वैसे कहते हैं छोटों को प्यार और बड़ों को रिगार्ड दो लेकिन जो सभी को बड़ा समझकर रिगार्ड देते हैं वह सबके स्नेही बन जाते हैं। इसके लिए हर बात में “पहले आप'' का पाठ पक्का करो।

स्लोगन:-
बापदादा की मिली हुई शिक्षायें समय पर याद आना ही तीव्र पुरुषार्थ है।

ये अव्यक्त इशारे - सदा अचल, अडोल, एकरस स्थिति का अनुभव करो

जो आलराउण्ड सर्विस करने वाले हैं उन्हें विशेष इस बात का ध्यान रखना है कि कैसी भी परिस्थिति में अपनी स्थिति एकरस रहे तब सफलता मिलेगी। श्रीमत में जब मनमत, देह-अभिमानपने की मत, शूद्र पने की मत मिक्स करते हो तब स्थिति एकरस नहीं रहती। मन भिन्न-भिन्न रसों में है तो स्थिति भी भिन्न-भिन्न है। एक ही रस में रहे तो स्थिति एकरस रहेगी।